कहते हैं कि लोमड़ी ऊँचे 🍇अंगूर के गुच्छों तक पहुँच नहीं पाई तो कह दिया अंगूर खट्टे हैं ।अरे! लोमड़ी देवी थोड़ा तो प्रयास करती अंगूर पाने के लिए थोड़ी तो उछलकर पाने की कोशिश करती।बस खुद से अंगूर🍇 खाए नहीं गए तो दूसरों को भी कहती हो कि अंगूर मत खाओ खट्टे हैं ।अरे मौसी जो लोग अंगूर खा रहे हैं उन्होंने खुद उछल उछलकर अंगूर तोडे़ हैं। आप अब खिसयानी बिल्ली बन गई हो ।अंगूर खाना भी है पर खुद तोड़ नहीं पाती और जो खा रहे हैं उन्हें देख नहीं पाती ।अब क्या करोगी खंभे नोचोगी।अरे !अरे !धीरे थोड़ा धीरे ,वो खंभे हैं ,उन्हें तो कुछ नहीं होगा पर तुम्हारे नाखून टूट जाएंगे और सोचो कितना दर्द होगा।ओह बेचारी लोमड़ी अंगूर मीठे हैं स्वाद तो लो।😄😄🤣🤣🍇🍇 *अंजना व्यास*🙏🏻🙏🏻