नारी की दुश्मन नारी है
अपने घर पर सबकी ऐ लाडली है
मगर ससुराल में जातें हीं वहां पर ऐ नौकरानी है
क्योंकि वहां पर भी सांस है नणंद है जेठानी है
वो भी एक नारी है
इसलिए तो कहेता हुं मैं, नारी की दुश्मन नारी है ।।
नरेन्द्र परमार " तन्हा "
महिला दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं ❤️🙏