हो गई है पीर पर्वत सी पिघलनी चाहिए, 😎
इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। 🤐🙂🌼🙈
आज यह दीवार, 🙂 परदों की तरह हिलने लगी, 👌
शर्त लेकिन थी कि ये बुनियाद हिलनी चाहिए। 🌺🌺😲☀️
हर सड़क पर हर गली में हर नगर हर गाँव में, 🌷
हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिए। 🙂☀️🙌☀️
सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं, 🌼
सारी कोशिश है कि ये सूरत बदलनी चाहिए। 🙏🥺🥺🙏
मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, 💐
हो कहीं भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए। 🌼😎🌈😊