कुछ दिन खास होते हैं हमारे लिए...
पर उनके आने से पहले ही हम इंतजार करने लगते है...
ना जाने क्यों उनके आने तक सब खत्म सा लगने लगता है..
ना जाने क्यों सब सुलझा हुआ भी उलझा सा लगने लगता है..
पर फिर भी एक उम्मीद की आदत सी हो गई है .....
बस अब तुमसे एक बार मिलना हैं.....
कुछ सुनना कुछ सुनाना है......
इस भागम भाग की जिंदगी में कान्हा तुझे ही सब बताना हैं.....