पुरखों को सिर्फ हिन्दुओं में ही याद नहीं किया जाता बल्कि श्राद्ध जैसे पर्व विदेशों में all soul day और मुस्लिम में शब-ऐ-बारात श्राद्ध जैसे पवित्र पर्व भी मनाये जाते हैं...मजाक बस भारतीय रीती-रिवाजों का मनाया जाता है..इसके ज़िम्मेदार भी हिन्दू हैं क्योंकि उनको खुद ही नहीं पता की किस रीती-रिवाज़-पर्व और त्योहारों मनाये जाने के पीछे क्या महत्व-उपयोगिता-दर्शन(philosophy) या वैज्ञानिकता है.बस भेडचाल की तरह मनाये जा रहे हैं..