तेरी शरणागति होकर ,
मुझमे तो मेरी इच्छा भी नही है |
दो पैरों से तू चल रही है !
चलाना तेरी इच्छा |
सोचती मैं नही हूँ ,
सोचना तेरी इच्छा है |
जो दिया तेरा , तेरी इच्छा,
जो लिया तेरा , तेरी इच्छा |
जो है तेरी इच्छा ,
जो नही है वह भी तेरी इच्छा |
इस देह मे जो तेरी इच्छा के आधीन है , कुछ शेष है तो इसका स्वभाव चीखना ,चिल्लाना, दुःखी होना | इसे तू जिस हाल मे रखना चाहे तेरी इच्छा |