मैंने हरपल जमानेको रंग बदलते देखा है....
समयके साथ जिंदगीको ढंग बदलते देखा है!!
जिनको चलते देख शेरके चलने का होता था गुमान..
उनको भी पाव उठानेके लिए सहारेको तरसता देखा है!!
जिनकी सिर्फ आंखकी चमक से सहम जाते थे लोग..
उन्ही आंखो को बरसात की तरह रोते देखा है!!
जिनके हाथेके एक इशारे से टूट जाते थे पथ्थर..
उन्ही हाथो को पत्तोकी तरह थरथर कांपते देखा है!!जिनकी आवाज कभी बिजली की तरह कडकती थी..
उनके होटो पर भी चुप्पी का ताला लगा देखा है!!
ये जवानी ये ताकात ये दौलत सब उपर वाले की दैन है..
ये सब होते हुए भी ईन्सानको बेजान सा हुआ देखा है!!
अपने अाप पर इतना ना इतराना मेरे दोस्त..
वक्त की धारा मे अच्छे अच्छो को मजबुर हुआ देखा है!!
हो सके तो कीसी को खुशी दो.,,दुःख देते तो हजारो को देखा है!!! क्योकी
इस धरा का
इस धरा पर
सब धरा का धरा रह जायेगा।❤