कोई मजलिस नही कोई यार नही है,
कैसा दौर है कि मेरे साथ मेरे साथीदार नही है।
मत धबरा ऐ दिल ये दौर कुछ वक्तका,
हंमेशाके लिए तो तू भी अकेला नही है।
वक्त बदल देता है हर पल और हालात,
हंमेशा तो गमकी बरसात नही है।
आयेगे तेरे बी खुशियोसे भरे दीन भी,
बस समझ ले अभी तेरे हालात सही नही है।
देखे है ऐसे वक्त तूने पहेले भी जिंदगीमे बहुत,
इस वक्तको बीताना तेरे लिये कोई कठिन नही है।
तेरे लिये सोच रखा होगा खुदाने कुछ बेहतर,
ऊपरवालेके ख्यालोमे बस गमके हालात ही नही है।