आज 3 जून 2022, दिन शुक्रवार विनायक अर्थात भगवान श्री गणेश की माता दुर्गा शक्ति का पवित्र दिन..... मां दुर्गा मां लक्ष्मी मां सरस्वती ज्ञान की देवी का शुभ दिन भी है, आज ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि है। हर माह में शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी पड़ती है। विनायक चतुर्थी का दिन भगवान गणेश को समर्पित होता है। भगवान गणेश की कृपा से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए विनायक चतुर्थी के पावन दिन माना गया है, श्री गणेश चालीसा का पाठ जरूर करें। श्री गणेश चाालीसा का पाठ करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भगवान गणेश की कृपा से धन- हानि की समस्या से भी छुटकारा मिल जाता है। आज विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त एवं समय.......॥
आज 3 जून, शुक्रवार को चतुर्थी तिथि सुबह 12:17 मिनट से प्रारंभ होगी, जो कि 4 जून को देर रात 02:41 मिनट पर समाप्त होगी।............
इस पावन दिन का बहुत अधिक महत्व होता है।
विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा- अर्चना करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है। विनायक चतुर्थी के दिन व्रत रखने से विघ्न दूर हो जाते हैं।
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विनायक चतुर्थी पूजा सामग्री
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भगवान गणेश की प्रतिमा➖
लाल कपड़ा➖
जनेऊ ➖
कलश ➖
नारियल ➖
पंचामृत ➖
पंचमेवा➖
गंगाजल ➖
रोली➖
मौली लाल ➖
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विनायक चतुर्थी पूजा विधि
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इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें।
इसके बाद घर के मंदिर में सफाई कर दीप प्रज्वलित करें।
दीप प्रज्वलित करने के बाद भगवान गणेश का गंगा जल से जलाभिषेक करें।
इसके बाद भगवान गणेश को साफ वस्त्र पहनाएं।
भगवान गणेश को सिंदूर का तिलक लगाएं और दूर्वा अर्पित करें।
भगवान गणेश को दूर्वा अतिप्रिय होता है। जो भी व्यक्ति भगवान गणेश को दूर्वा अर्पित करता है, भगवान गणेश उसकी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करते हैं।
भगवान गणेश की आरती करें और भोग लगाएं। आप गणेश जी को मोदक, लड्डूओं का भोग लगा सकते हैं।
इस पावन दिन भगवान गणेश का अधिक से अधिक ध्यान करें।
अगर आप व्रत रख सकते हैं तो इस दिन व्रत रखें।........ॐ गं गणपतेय नमः ब्रह्मदत्त ➖ जय श्री गणेशाय नमः ➖ ब्रह्मदत्त मां दुर्गाय् मां लक्ष्मीयाय् मां सरस्वतीयाय् नमो नमः या देवी सर्वभूतेषु (शक्तिरूपेण) (लक्ष्मी रुपेण) (बुद्धि रुपेण) संस्थिता नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़