1️⃣6️⃣0️⃣4️⃣2️⃣2️⃣सोलह अप्रैल दो हज़ार बाइस । शनिवार । शुभ समय । वसंत ऋतु । आज "चैत्र पूर्णिमा", "श्री सत्य नारायण व्रत" और "चिरंजीवी श्री हनुमान जन्मोत्सव पर्व" है ।
(१) स्वयं से बहस करोगे तो सारे सवालों के जवाब मिल जायेंगे और दूसरों से करोगे तो और नए सवाल खड़े हो जाएंगे ।
(२) जब मनुष्य अपनी गलती का वकील और दूसरों की गलती का जज बन जाता है तो फैसले नहीं फासले हो जाते हैं।
(३) जीतने के बाद तो सारी दुनिया गले लगाती है हारने के बाद जो गले लगाए सिर्फ वही अपना होता है ।
(४) मनुष्य का असली चरित्र तब सामने आता है जब वो नशे में होता है फिर वो नशा चाहे धन का हो, पद का हो, रूप का हो या शराब का ।
(५) सच्चे मित्र के तीन लक्षण; अहित को रोकना, हित की रक्षा करना और विपत्ति में साथ नहीं छोड़ना ।
(६) लोगों को सम्मान देना ऐसा निवेश है जो सदैव चक्रवृद्धि ब्याज के साथ वापिस मिलता है ।
(७) इंसान ही इंसान की दवा है कोई दुःख देता है तो कोई सुकून बन जाता है ।
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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