अब सब कुछ छोड़ देने का मन करता है। ये कमाने की लालसा, प्रेम पाने की उम्मीद, ये घर, ये ट्विटर, फोन, रिश्ते सब कुछ। ऐसा लगता है ये दुनिया मुझ पर बोझ है। मैं इस दलदल से निकलना चाहता हूँ। मुझे जीवन से केवल सुकून चाहिए। मैं एकांतवास हो जाना चाहता हूँ। मैं अस्त हो जाना चाहता हूँ।