होली के पर्व की आप सभी को हार्दिक बधाई
हम सब एक दूसरे को बधाई देते है । जिन्दगी रंगो की तरह मुस्कुराये । क्या संदेश देना ही काफी है । होली नशे मे डूबने का त्योहार नही है । यह त्योहार वासना पर विजय पाने का भी है । हृदय मे बैठे अहंकार को त्यागने का भी है । होलिका मन मे होने वाली घृणा है जो सत्य को नकारती है । और उसे घृणा की आग मे जलाकर खत्म कर देने का प्रयास निरंतर करती है । किन्तु सत्य प्रह्लाद है जो वही रहता है घृणा खुद जल जाती है । होली का दहन एक मदनोत्सव भी है जिसे शिव ने अपना तीसरा नेत्र खोलकर भस्म किया था । हमारा ज्ञान ही तीसरा नैत्र है । जिससे हम अपनी इंद्रियो पर अंकुश लगा सकते है ।
होली पर्व आध्यात्म की ओर साधना की ओर बढने का पर्व है ।
#HappyHoli