वेद वाणी 6-58-1
शुक्रं ते अन्यद्यजतं ते अन्यद्विषुरूपे अहनी द्यौरिवासि।
विश्वा हि माया अवसि स्वधावो भद्रा ते पूषन्निह रातिरस्तु॥ऋग्वेद ६-५८-१॥
हे परमेश्वर दिन एवं रात आपके शुभ्र रूप, आपकी महीमा को दर्शाते है। आप द्युलोक मे सर्वत्र प्रकाशित, पोषण कर्त्ता एवं सबकी रक्षा करने वाले है। आप हमारा कल्याण करें।
O Lord, day and night shows Your auspicious form, Your glory. You are illuminated everywhere in the world, the nurturer and the protector of all. You do us good.