0️⃣3️⃣0️⃣3️⃣2️⃣2️⃣तीन मार्च दो हज़ार बाइस । गुरुवार । शुभ समय ।वसंत ऋतु । आज फाल्गुन मास का शुक्ल पक्ष प्रारंभ ।
(१) जीवन का एक ही संदेश कि प्रभुजी पर विश्वास करें, सफलता मिलेगी ।
(२) प्रभुजी आपके चेहरे पर सदैव मुस्कान बनाए रखें ।
(३) दो ही चीजें ऐसी हैं जिसे देने से किसी का कुछ नहीं जाता, एक मुस्कान और दूसरी दुआ, सदैव बांटते रहिए, बढ़ती रहेगी ।
(४) मिटने न दें चेहरे की मुस्कराहट, बड़ी मुश्किल से आती है यह प्राकृतिक आहट ।
(५) जहां जल और वृक्ष समीप हों, हरियाली आती है; जीवन भी यही है कि जहां मन की सरलता और परिवार के संस्कार हों, वहां जीवन में हरियाली आती है ।
(६) दुआएं मिल जाएं सभी की, बस यही काफ़ी है, दवाएं तो दाम अदा करने पर मिल ही जाती हैं ।
(७) दर्द, गम और डर, जो भी है, बस तेरे अंदर है; ख़ुद के बनाए पिंजरे से देख, तू भी सिकंदर है !
घर में रहें सुरक्षित रहें ।
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