1️⃣3️⃣0️⃣2️⃣2️⃣2️⃣ तेरह फरवरी दो हज़ार बाइस । रविवार । शुभ समय । शिशिर ऋतु । आज "भीष्म द्वादशी, तिल द्वादशी","विश्व रेडियो दिवस" और "विश्व विवाह दिवस" है ।
आज के दिन ही राजकुमार देवव्रत, ने भीष्म के रूप में आजीवन विवाह न करने की प्रतिज्ञा ली थी जो आज भी "भीष्म प्रतिज्ञा" के नाम से जानी जाती है ।
(१) सुख पाने के लिए हम इच्छाओं की कतार लगाएं या आशाओं के अंबार परंतु सुख का ताला केवल संतुष्टि की चाबी से ही खुलता है ।
(२) खुशी एक समझौता नहीं अपितु प्रकृति (आदत)है ।
(३)"तू टेंशन मत ले, मैं कुछ करता हूं",जीवन में ऐसा कहने वाले मित्र और रिश्तेदार का जीवन में होना अत्यंत जरूरी है ।
(४) समय और समझ, दोनों एक साथ भाग्यशाली लोगों को मिलते हैं क्योंकि समय पर समझ नहीं आती और समझ आने पर समय निकल जाता है ।
(५) आज वही कल है जिस कल की तुम्हे कल फिक्र थी!
(६) पैर को लगने वाली चोट संभल कर चलना सिखाती है और मन को लगने वाली चोट, समझदारी से जीना सिखाती है ।
(७) मेहनत का फल और समस्या का हल, देर से सही पर मिलता जरूर है ।
घर में रहें स्वस्थ रहें ।
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