कभी खिड़की के बाहर देखते हो ,
अच्छा लगता है ना जब सब दरवाजे बंद होते है ,
तो सिर्फ खिड़की खुली रहती है जिसे हम जितना चाहे खोल सकते है बंद कर सकते है ,
हमारे control में होती है,
कभी हवा छू जाती है तो कभी बारिश की बूंदे बहोत सी यांदे दिलाती है ,
कभी भीगी मिट्टी की खुशबू जीने का अंदाज सिखाती है,
पता है हम उस वक़्त अपने आप से मिलते है ,
पता नही होता लेकिन मिलते है,
खो जाते है अपने आप मे...….... 😊☺️
Piya