हे जगदीश्वर !
मैं शब्दहीन,
भावहीन, भक्तिहीन ,
कर्महीन आपकी संतान
हमे पूजा, जप, तप नियम व्रत कुछ नही आता बस, आपको दण्डवत प्रणाम करती हूँ 🙌🙌🙏 हम सभी के अपराध को क्षमा करें| समस्त जगत का कल्याण करे , रोगमुक्त करें | जय माँ प्रम्बा🙌🙏♥️🙌 सुप्रभात
-Ruchi Dixit