सुर कोकिला लता मंगेशकर जी आज हमारे बीच नहीं है सभी देशवासी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और आशा कर रहे हैं कि सुर-सरसवती दोबारा जन्म इसी भारत में लें
जन्म 28 सितंबर,1929
इंदौर, मध्य प्रदेश में दीनानाथ और शेवंती मंगेशकर के घर पहली बेटी पैदा हुई
नाम रखा गया हेमा...
दीनानाथ गायक थे और मराठी
ड्रामा कंपनी चलाते थे।
नाटक 'भाव बंधन' में 'लतिका'
नाम के किरदार से दीनानाथ
इतने प्रभावित हुए कि अपनी
बेटी का नाम बदलकर 'लता'
रख दिया।
5 साल की उम्र तक लता अपने
पिता के सामने गाने से बचती थीं।
एक दिन अचानक पिता ने लता को
गाते हुए सुना और चौंक गए
उसी दिन उन्होंने तय कर लिया कि
'कल से मैं लता को गाना सिखाऊंगा'
जैसे लता की जिंदगी निर्णय करवट ली और पिता के अथक प्रयास ने उनको एक गायक के रूप में स्थापित कर दिया
भारत रत्न से सम्मानित लता जी को सभी भारतवासी स्वर कोकिला लता के नाम से जानते हैं आज 6 फरवरी 2022 को ईश्वर ने उनको हमसे छीन लिया ....ब्रह्मदत्त
आज सुबह 8.12 बजे अंतिम सांस ली
लता जी की कोरोना रिपोर्ट 8 जनवरी को पॉजिटिव
आई थी। इसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया
था। हालांकि भर्ती होने की खबर भी दो दिन बाद, यानी
10 जनवरी को सामने आई। ब्रीच कैंडी में डॉ. प्रतीत
समधानी की देखरेख में ही डॉक्टर्स की टीम लता जी
का इलाज कर रही थी। इलाज के दौरान उनकी हेल्थ में
सुधार भी देखा जा रहा था। उन्हें लगातार ऑब्जर्वेशन
में रखा गया। करीब 5 दिन पहले उनकी सेहत में सुधार
होना भी शुरू हो गया था। ऑक्सीजन निकाल दी गई
थी, लेकिन ICU में ही रखा गया, लेकिन रविवार को
सुबह 8.12 बजे उनका निधन हो गया। डॉ. प्रतीत ने
बताया कि मल्टी ऑर्गन फेल्योर उनकी मौत की वजह
रही।
➖ प्रस्तुतकर्ता ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़