#BoyFriend
मैं और मेरे अह्सास
आ भी जाओ शाम कहीं ढल ना जाए l
मौसम प्यार का कहीं निकल ना जाए ll
सजधज के बेठे है सावरिया के लिए l
इंतज़ार में हसरते कहीं पिघल ना जाए ll
बरसो लगा दिये मकसद पूरा करने में l
धड़िया मिलन की कहीं छल ना जाए ll
सखी
दर्शिता बाबूभाई शाह