सभी शिव भक्तों को ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ का ओम नमः शिवाय.... ओम नमः शिवाय.... सोमवार कि यह संध्या सभी के लिए शुभ हो मंगलमय हो, इस संध्या की सभी शिव भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं एवं बधाई -ब्रह्मदत्त त्यागी
॥॥आरती शिवजी की॥॥
कर्पूरगौरं करूणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् ।
सदा वसन्तं ह्रदयारविन्दे भवं भवानि सहितं नमामि ॥
जय शिव औंकारा, शिव पार्वती प्यारा ।
हो शिव ऊपर जल धारा ॥
ब्रह्मा, विष्णु,सदाशिव,अद्धङ्गी धारा॥ ॐ हर हर हर महादेव ॥
एकानन चतुरानन पञ्चानन राजै।
हंसासन गरूड़ासन वृषवाहन साजै ॥ २ ॥ ॐ हर
दोय भुज चार चतुर्भुज दशभुज ते सोहै ।
तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहै ॥ ३ ॥ हर० ॥
अक्षमाला वनमाला रूण्डमालाधारी ।
चन्दन मृगमद चंदा भोले शुभकारी ॥ ४ ॥ ॐ हर ॥
श्वेताम्बर, पीताम्बर, बाघम्बर, अंगे
सनकादिक प्रभुतादिक, भूतादिक संगे ॥ ५ ॥ ॐ हर ॥
करमध्ये च कमण्डलु चक्र त्रिशूलधर्ता ।
जगकर्ता, जगह , जगपालनकर्ता ॥ ६ ॥ ॐ हर० ॥
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव जानत अविवेका ।
प्रणवाक्षर ॐ मध्ये ये तीनों एका ॥ ७ ॥ ॐ हर ॥
काशी में विश्वनाथ विराजत नन्दो ब्रह्मचारी।
नित उठ भोग लगावत महिमा अतिभारी ॥८॥ ॐ हर ॥
त्रिगुण स्वामी की आरती जो कोई नर गावै ।
भणत शिवानन्द स्वामी वांछित फल पावै ॥९॥ॐ हर॥
हो शिव गलरूण्डन माला, हो शिव पार्वती प्यारा,
हो शिव भूरी जटा वाला, हो शिव ऊपर जल धारा,
हो शिव औढ़े मृग छाला, जटा में गंग विराजत,
मस्तक पर चन्द्र विराजत, शिव पीवत भंग प्याला
रहत मतवाला, शिव बैल चढ़नवाला ॥
ब्रह्मा, विष्णु, सदाशिव, अर्द्धङ्गी धारा ॥ ॐ ह.
॥॥➖ ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़॥॥