सूरत और सीरत ----- फेसबुक पर मित्रता का अनुरोध देखकर प्रिया ने झट से कौस्तुभ को अपना मित्र स्वीकार कर लिया था।दोनों मैसेंजर पर बातें करते करते अब फोन पर भी बातें करने लगे। प्रिया ने पहले ही कौस्तुभ को अपनी आयु और पारिवारिक स्थिति के बारे में बता दिया था।कौस्तुभ ने कहा कि उसके लिए उम्र कोई विषय नहीं है।वह तो बस उसे पसंद करने लगा है।उसे अपना सच्चा साथी मानने लगा है। प्रिया बस खुश थी कि उसे कोई ऐसा मिला है जो उसकी भावनाओं को समझ रहा है।कौस्तुभ कभी कभी बातें करता हुआ हदें पार कर जाता था पर प्रिया बुरा नहीं मानती थी।उसे उसकी खुशी में संतोष था। दोनों शादीशुदा थे बाल बच्चों वाले थे।प्रिया तो कौस्तुभ से 18साल बडी़ थी। कौस्तुभ आये दिन प्रिया को फोटो खींचकर भेजने के लिए कहता था।पर प्रिया ये कहकर टाल देती थी कि वो ज्यादा फोटो नहीं खींचती है।पर एक दिन कौस्तुभ बार बार आग्रह करने लगा तो प्रिया को लगा चलो भेज देती हूँ ।प्रिया ने फोटो खींचकर भेजा और थोड़ी देर बाद प्रिया का कौस्तुभ से संपर्क जो टूटा तो फिर अब तक जुड़ा ही नहीं । प्रिया को याद आया कि कौस्तुभ बातों बातों में कई बार उसे कहता था कि उसे तो सुन्दर महिलाएं पसंद हैं।प्रिया ने जिसकी सीरत से इतना प्यार किया था वो तो सूरत से प्यार करता था।प्रिया सोच रही थी कि भगवान कभी कभी कुछ अच्छे के लिए ही करता है।