शिर्षक : नानक दुखिया सारा सँसार
नानक दुखिया सारा सँसार
एक दिल में गम है, हजार
तेरा नाम का मरहम "प्यार"
ना समझे, ये बात सँसार
दया ही धर्म का मूल है
संयम सुख का फूल है
सत्य एकमात्र उशूल है
बिन इनके सब फिजूल है
गैर का दुःख जो अपनाता
भक्त वो तेरा ही कहलाता
सुख की लालसा में तड़पता
वो इँसान मर मर कर जीता
नानक की शिक्षा का यही सारः है
आपसी प्यार है, तो सारा संसार है
दुःख से ने घबराना, जन्मों का उधार है
इस जन्म में चुका दे, आगे मोक्ष-द्वार है
✍️कमल भंसाली