ज़ज्बात छुपा रहा था वो
अपने पांव बहुत सम्भाल कर रख रहा था वो
शब्दों को भी बहुत तोल कर बोल रहा था वो
ख़ुद के ज़ज्बात को खुद में छुपा रहा था वो
अपने आप को बहुत अंजान दिखा रहा था वो
अपनी धड़कनों को कैसे लगाम दे रहा था वो
हल ए दिल को दिल में दबा सुला रहा था वो
नजर अंदाज करने थी कोशिश उसकी निराला
पर अपनी आंखों से सब बयां कर रहा था वो
Sanjay Ni_ra_la
15 Nov 2021
11#2225