पहली दफ़ा मेरा दिल इतना धड़का था,
और पहली दफ़ा कितनी ही बार
धड़कना भी भूल ही गया था,
पहली बार साँस इतनी तेज़ चली थी
और कितनी बार रुक भी गयी थी।
पहली बार मुझे एहसास हुआ
वो कितनी ख़ुशबूदार, कितनी नाज़ुक और
कितनी रेशमी है, उस रात ही जाना था
मैंने कि ख़ूबसूरती ज़हरीली भी होती है।