शुभ संध्या वंदन मंगलवार ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ एवं सभी भक्तों का भगवान श्री राम जी एवं हनुमान जी आपको बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार है
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़-
🙏🙏 हनुमान जी की आरती🙏🙏
-ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़
जय श्री राम जय बजरंगबली हनुमान जी आपको बारंबार प्रणाम नमन नमस्कार
आरती श्री हनुमान जी की-ब्रह्मदत्त
आरती कीजै हनुमान लला की ।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
जाके बल से गिरिवर काँपे,
रोग दोष जाके निकट न झाँके।
अंजनि पुत्र महा बलदायी,
संतन के प्रभु सदा सहायी॥
आरती कीजै हनुमान लला की।
दे बीड़ा रघुनाथ पठाये,
लंका जाय सिया सुधि लाये ।
लंका सौ कोटि समुद्र सी खाई,
जात पवनसुत बार न लाई ॥
आरति कीजै हनुमान लला की ।
लंका जारि असुर संघारे,
सिया रामजी के काज संवारे ।
लक्ष्मण मूर्छित पड़े सकारे,
आन संजीवन प्राण उबारे ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ।
पैठि पाताल तोड़ि यम कारे,
अहिरावन की भुजा उखारे ।
बाँये भुजा असुरदल मारे,
दाहिने भुजा संत जन तारे ॥
आरति कीजै हनुमान लला की ।
सुर नर मुनि जन आरति उतारे,
जय जय जय हनुमान उचारे ।
कंचन थार कपूर लौ छाई,
आरती करती अंजना माई ॥
आरती कीजै हनुमान लला की ।
जो हनुमान जी की आरति गावे,
बसि वैकुण्ठ परम पद पावे ।
आरती कीजै हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की ॥
-ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़