शीर्षक : फ़लसफ़ा जिंदगी का
दूर से देखा, तो आने वाला सवेरा देखा
नजदीक से देखा, तो जाता अंधेरा देखा ।।
सोच एक ही पर, हर सोच में फर्क देखा
हाँ, हर आशियाना में चूल्हा जलता देखा ।।
कहीं कुछ खोया है, तो कहीं कुछ पाया है
कहीं दिल जला, कहीं रिश्तों का धुँआ है ।।
विचार जब धुँध से गुजर कर दिल मे आते है
बिगड़े रिश्ते और बिछड़े दोस्त याद आते है ।।
जिंदगी आजकल न जीत है, न ही हार है
जिंदगी अब व्यवहार का नाजायज व्यापार है ।।
आशा और निराशा जिंदगी का बेहतरीन सारः है
सुख व दुःख जिंदगी के सम्पूर्ण सर्वोत्तम आहार है।।
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali