शीर्षक: जियो शान से
जिंदगी जीनी है, तो जियो शान से
न रहों, अपने आप से, परेशान से
मुसीबीते तो जीवन का हिस्सा है
कहीं आशां है, तो कहीं निराशा है
पल का दर्द भी, बहुत शोर करता है
मजबूर न हो तो, मशहूर भी करता है
दर्द की पहचान ही तो जीवन-ज्ञान है
सहनशील हो तो, मरहम भी आसान है
दुःख के छालों में, संभलने की रीत होती
सुख की छांव में भी, पैरों में जलन होती
जीना वही होता, जिसमें मुस्कराहट होती
खुशी- गम तो, जी रहे है की पहचान होती
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali