ऐसे गए कि लौट कर न फिर आये वो।
मेरी क्या ख़ता थी हमको न बताए वो।
हम इंतज़ार करते रहे आखिरी साँस तक।
मेरी इस बेवकूफी पर खूब मुस्कुराए वो।
जिसके लिए हम तड़प तड़प कर जिये।
गैरों की बाहों में डूब कर मुझे जलाए वो।
मैं सिसकता रहा तन्हाईयों में रात दिन यूँ
औऱ मेरे आँसुओं में डूब कर नहाये वो।
उन्हें लगता है कि मेरी कहानी झूठी है।
मुझसे अलग हो कर बहुत छटपटाये वो।