शीर्षक: सपने
सपने बड़े प्यार होते है
उनमें से कुछ सितारे होते है
सपने हर रोज देखना
उन्हीं में, मंजिलों के किनारे होते है
हक़ीक़क्त से दूर न हो जाना
बिगड़े सपनों के साथ न जाना
गुलाम न हो जाओ, ख्याल रखना
साकार न हो तो भी, सदा मुस्कराना
मायूस करे जो सपने, दुःखी न होना
ऐसे सपनों को भूल से, अपना न कहना
हुनर तुम्हारा पास है, नये रंग उन्हें देना
चाँदनी रात में, उन्हें नये ढंग से सजाना
नव-कर्म से बिता हर दिन, नये सपने लाता
सपनों का भी बाजार, अच्छा मंहगा होता
गलत सपनों के आने से, मन बैचेन हो जाता
न आये ऐसे सपने तो, हर सपना सच हो जाता
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali