तुम यूं बार-बार मुझे पुकारा मत करो
मैं हर बार की तरह तुमसे मिलने का झूठा वादा नहीं कर सकती
तुम जानते हो कि अब हमारे रास्ते अलग हो चुके हैं
हां तुम बात कर सकते हो मेरे साथ
मेरे हर गम में तुम्हारे साथ बांट सकती हूं
पर मैं कभी तुमसे मिलने नहीं आ सकती
तुम तो अपने हर वादों से मुकर गए
कहा था साथ जिएंगे साथ मरेंगे
पर अब मैं तुम पर भरोसा नहीं कर सकती
क्योंकि अब तुम उस जहां पर हो
जहा पर आना मुमकिन नहीं नामुमकिन है
मैं तुम्हारे पास आकर कायर नहीं बनना चाहती
क्योंकि तुम्हारे पास आने के लिए मुझे यह जहां छोड़ना होगा
हां मगर मुझे तुम्हारा वह साथ चाहिए
तुम्हारे साथ बिता हर वह लम्हा मेरे जीने का सहारा है
और हां तुम्हारे हर वह ख्वाब में पूरे करूंगी जो तुमने देखे थे
यह मेरा वादा है तुमसे
मैं अपनी जिम्मेदारियों से कभी मुंह नहीं मोड़ुगी
मैं बखूबी अपना कर्तव्य निभाऊंगी
वैसे सच कहूं तो तुम्हारे जाने के बाद मुझ में मेरी जान ही नहीं रही
बस कट रहे हैं दिन तुम बिन " Anumay"
तुम अब कभी नहीं आओगी यह बात मुझे सताये जा रही है
और मैं हर वक्त तुम्हारे इंतजार में अपनी नींद गवा रही हूं
तुम हो मेरे साथ अभी भी मुझे यह महसूस हो रहा है
मैं यह स्वीकार नहीं कर सकती कि अब तुम नहीं हो
मैं फिर भी तुमसे मिलती रहूंगी मेरे ख्वाबों में तुम रहना संग सदा मेरे
तुम जब भी मुझे पुकारते हो मैं आने के लिए राजी हो जाती हूं
जब मुझे मेरे अस्तित्व का ख्याल आता है तो मैं मुकर जाती हूं
तुम हर जगह मेरे साथ हो "Anumay"
वह सुबह की चाय की चुस्की से लेकर वह रात की मीठी नोकझोंक
मैं तुम्हें अपनी हर बात का हमराज़ बना चुकी हूं
कभी-कभी तुमसे बातें करते वक्त तुम्हारी आवाज नहीं सुनाई देती
मैं हर बात तुमसे कहती हूं
अभी भी मैं तुम्हारा इतबार का इंतजार करती हूं
जब सामने से कोई आवाज नहीं आती तो मैं अंदर से टूट जाती हूं
मैं हमेशा तुम्हारा इंतजार करती हूं कि तुम आओगे
पर मैं जानती हूं कि वहां से लौटकर अब कभी भी तुम नहीं आओगे मैं मेरी हर बात पर तुम्हारी हां में हां भर्ती हूं
क्योंकि अब तुम मुझ में समा गए हो
इसीलिए मैं अब मुझ में ही उलझी रहती हूं... Bindu Anurag
17/07/21
09:30 AM