शीर्षक: वादियां प्यार की कर रही इंतजार
दिलरुबा, वादियां प्यार की कर रही, इंतजार
रुस्वाई से अनजान, खुशनमां मौसम, बेकरार
गिरह खोल दो, पागल मोहब्बत को इजाजत दो
महफ़िल सजी प्यार की, शमा को रोशन कर दो
दिलवर, तुझे दिल की गहराइयों से प्यार किया
तेरी आहटों तक का, बेकरारी से इंतजार किया
लहराती घनेरी जुल्फों में, चांद का दीदार किया
हर हुस्न-इश्क की दास्तां पर, दिल से एतवार किया
वक्त बदले, गम, शुकून धूप- छावं बन कर छाये
सजदे भी न लूं तो भी, गम अधरों पर ही मुस्कराये
तन्हाई भरी शामें, तेरे आँचल की खुशबू पर इतराये
कसम तुम्हारी, बेकरारी से तेरे आने तक, मुझे सताये
देख तेरे चेहरे की रंगत, इशारे कर रही तेरी अंखिया
मेहबूब की चाह में बदन ले रहा है, तन्हां अंगड़ाइयां
लबों को मजबूर न कर, प्यार के कशीदे गाने दे
एहत शाम से प्यार को जगाने की, फरियाद करने दे
मोहब्बत तो दिल की ,आरजुओं की मन्नत है प्यार
रुह में जन्नत का शुकून, संग रहे सदा बन हमसफ़र
वक्त की जरूरत वफ़ा, मंजिलों की दास्तां बेखबर
वादिया प्यार की कर रही, बेखुदी से हमारा इंतजार
गरुर ए हुस्न दिलवर, तेरे दिल में किल्लत प्यार की
दस्तूर ए मोहब्बत कहती, गुजारिस नहीं इंकार की
रचियता✍💗कमल भंसाली