शीर्षक: परीक्षाफल ✍️कमल भंसाली
जीना है, तो शान से जीना है
नहीं तो, उससे अच्छा मरना है
कायरता की कोई पहचान नहीं होती
बिना पतवार के कोई नाव नहीं होती
भय से मुक्ति ही, सिर्फ शक्ति कहलाती
अंत के भय से, जीती बाजी पलट जाती
किस क्षण क्या होगा ? ये एक बहम है
फल चाहत, हर कर्म में ही, सिर्फ दम है
जीवन न हार है, न ही कोई, ये जीत है
प्रीत है जग से तो, निकला शब्द संगीत है
मत सोचना, तुम बिन उद्देश्य जग में आये हो ?
समझोगे, दस्तूर जब संयम से, जीने के निभाये हो
अंत वही है, जो समझ रहे, वापस तो जाना है
परीक्षार्थी है, हम सब, परीक्षा फल तो लाना है
✍️ कमल भंसाली
-Kamal Bhansali