हां प्रेम है,
जब उसे मुस्कुराते देख तुम स्वतः मुस्कुराने लगते हो!!
हां प्रेम है,
जब उसके दर्द को तुम अपने सीने में महसूस कर पाते हो!!
हां प्रेम है,
जब उसकी आँखों को देखते ही उसकी अनकही बातो को समझ जाते हो!!
हां प्रेम है,
जब वो बेवजह गुस्से में फोन काट दे और तुम बिना वक़्त गंवाए उसे मनाते हो!!
हां प्रेम है,
जब अनजाने ही उसकी बातें सोचकर तुम मुस्कुराते हो
-Jyoti Prajapati