तुम्हारी सूरत मेरे दिल
की तस्वीर बन गई
तुम्हारी हर याद
मेरी जिन्दगी की जागीर बन
गई
तुम्हारी बाते सुन में
कन्हा की मीर बन गई
तुम्हारे खयलों में डूब में सरिता से
झील बन गई
तेरे प्रेम का हुआ ऐसा असर मुझ पर
कि तुझ संग प्रीत
निभानी मेरी तक्दीर बन गई
-rose