आज देखे हुए ख्वाब भी कल टुट के बिखर जाएंगे,
तो क्यों ना उन ख्वाबों को आज ही जिया जाए।
आज जो तुम्हारे अपने है वो भी कल छुट जाएंगे,
तो क्यों ना उन अपनो को आज ही खुश किया जाए।
आज किए हुए वादे भी कल कांच की तरह टुट जाएंगे,
तो क्यों ना उन वादों को आज ही निभाया जाए।
आज खिले फुल भी कल मुरझा जाएंगे,
तो क्यों ना उन फूलों से अपना आज ही महकाया जाए।