जिंदगी मुसाफ़िर है चलती है चलती रहेगी
वो जानती है मंजिल मौत है वो मौत से ना डरेगी
चाहे अच्छी चले या बूरी वो गुजरती रहेगी
तुम्हें तुम्हारी मंजिल से मिला कर ही दम तोडेंगी
उस दिन तुम्हें भी जीने की ख़्वाहिश होगी
जिस दिन तुम्हारी पूरी हर विश होगी
जब तुम्हें जिंदगी से मुहब्बत होगी तब वो बेवफ़ाई पे उतरेगी
तुम्हें तुम्हारी मंजिल तक पहुंचा कर वो अपना सफर पूरा करेगी
जिंदगी मुसाफ़िर है ये चलती है चलती रहेगी
वो जानती है मंजिल मौत है वो मौत से ना डरेंगी