Hindi Quote in Poem by અધિવક્તા.જીતેન્દ્ર જોષી Adv. Jitendra Joshi

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

कुछ चीज़ें हमें वसीयत में मिल जाती है
और कुछ मिले ना मिले
ये तो ज़रूर मिल जाती है

सब से अहम है - लाइन
जो हम भारतीयों की क़िस्मत की
अनिवार्य लाइन है
जो जनम के दाखिले से लेकर
समशान में अंतिम क़तार तक खिंची हुई है।

और हम भारतीयों को लाइन में
खड़े रहने में कोई आपत्ति भी नहीं है
बल्कि विरासत में मिली होने की वजह से
इसका सहज ही स्वीकार है ....
हमारे बाप दादा भी लाइन में खड़े रहते थे
और हम भी बड़े गर्व के साथ खड़े रहते है

चाहे नोटबंदी के वक़्त बैंक की क़तार हो या महामारी के वक़्त अस्पताल में दाख़िले की
स्कूल कोलेज में हो एडमिशन या नौकरी का इंटरव्यू
बस ट्रेन में करना हो सफ़र या फिर
टेन्कर या हैन्डपंप से भरना हो पानी
राशन की दुकान के बाहर तो शर्तया होतीं
या फिर ढेरों मौत की वजह से बनी
समशान के बाहर लगी मुर्दों की लाइन......
इस विरासत को हम अंतिम समय भी
बड़ी निष्ठा से निभाकर जाते है

यहाँ तक कि इस प्रथा का विरोध करनेवाले लेखक भी
कभी कभी ख़ुद भी एवार्ड की क़तार में खड़े नज़र आते है
लाइन का तो होता है अंत भी कहीं
पर क़तार का ये सिलसिला अंतहीन............

नूर-ए-शमा

Hindi Poem by અધિવક્તા.જીતેન્દ્ર જોષી Adv. Jitendra Joshi : 111711912
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now