अब क्या बतायें आपका कितना खयाल है,
तेरी जुदाइ का बड़ा दिलको मलाल है।
आते रहे खयाल तेरी कुरबत के रातदिन,
छाया हुवा नजर में तेरा हुस्नो जमाल है।
देखा भली नजर से तुमको सदा सनम,
फीर क्युं जगा ये आपके मन का सवाल है।
पयहम रहा में आपकी तखलीक में रवां ,
अनहोनी सोच पर टीका अब मेरा हाल है।
करदे तु हल ये मसअला अपने विसाल का,
तेरे बगेर जिंदगी ये जीना मुहाल है।
मासूम बदलते दौर की बदली फीजा मीली,
रंगो भरे जहान का रुख बे मिसाल है।
मासूम मोडासवी