हाँ तुम तो बस यूँ ही चले गए पर
तुम्हारी यादें नहीं जा रही,
एसे बस गई हैं जेसे गीली मिट्टी में कंकड़,
तन्हाई एसे हैं कि तुम्हें कोइ देखें
तो हमारी तस्वीर नजर आए ,
स्वपन में खुलती हैं ये यादों की बरसात,
पर नहीं होगी हरियाली अब उस बरसात से,
क्यूंकि अब सिर्फ यादें हैं तुम नही.........💝
-Dhvani Upadhyay