रूदन
कभी भी, कही भी, किसी का भी रूदन
है उसकी मजबूरी का आभास
बतलाता है उसके भीतर की कमजोर बुनियाद।
हमें समझना है
उसके रूदन का कारण
और करना है
उसका निराकरण
समाप्त करना है उसका रूदन।
हमारा यह प्रयास
उस पर उपकार नही
कर्तव्य है हमारा
इससे मिलेगा किसी को नया जीवन
और हमारे जीवन में होगा नया सृजन
अनेको लोगो को नये जीवन का इंतजार है
आगे बढो।
दुखिया यह संसार हैं।