🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁
*हमारा 'व्यवहार' कई बार*
*हमारे 'ज्ञान' से अधिक 'अच्छा*'
*साबित होता है।*
*क्योंकि जीवन में जब*
*'विषम' परिस्थितियां आती हैं*
*तब ज्ञान 'हार' सकता है*
*परन्तु 'व्यवहार' से हमेशा*
*'जीत' होने की 'संभावना' रहती है...*
।।जय सियाराम जी ।।
🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁🍁