चलो,लौट आवो
साथ-साथ चलने के लिये
चलो,लौट आवो।
प्यार के लिये
चलो,लौट आवो,
घर सजाने के लिये
चलो,लौट आवो।
अपनी मुस्कान के लिये
चलो,लौट आवो,
कुछ बातें करने को
चलो,लौट आवो।
शाम को गुनगुनाने
चलो,लौट आवो,
धीर-वीर कुछ बातें करने
चलो,लौट आवो।
वायरस को हराकर
चलो,लौट आवो,
सांसों को जोड़ने
चलो,लौट आवो।
* महेश रौतेला