आशीर्वाद
हम प्रतीक्षा कर रहे थे कि
आपका हो आगमन।
तन पुलकित था गुलाब सा
और महक रहा था मन बेला सा
हृदय में थी प्यास
और थी तुम्हारे आने की आस
यह प्रतीक्षा भी करती है कितना विचलित
एक साथ देती है
सुख और दुख का आभास
तुम आये तो
आ गई घर आंगन में रौनक
मिली इतनी षांति
और मिला इतना सुकून
कि जीवन मे आ गया हो नयापन
मानो मैं अपने आप में ही खो गया
तुम हो गए मेरे
और मैं तुम्हारा हो गया
हो गया हमारा साथ
मेरे हाथों में तुम्हारा और
तुम्हारे हाथो में मेरा हाथ
चल पडे हम अनजान राहों में
हमें थी जीवन में सफलता की चाह
एक दूसरे का सहारा
और प्रभु की भक्ति का विष्वास
हमारे जीवन में हो
षांति, सदाचार और अपनत्व का भाव
सुखी हो हमारा संसार
हर हाल में रहें हम साथ
हे प्रभु हमें दो ऐसे जीवन का आशीर्वाद।