Hindi Quote in Poem by Amulya raj

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कब मिलेगा इस दर्द से निजाम??

हर देश एक दूसरे पर इल्जाम लगाता है
भारत कहता है कि पाकिस्तान आग लगाता है
तो वह मुल्क हमें जिम्मेदार ठहरता है
शुरुआत भारत करता है
ऐसा पाकिस्तान कहता है
तो भारत किसी पर पहले आक्रमण नहीं करता
ऐसा भारत कहता है

घबराए नहीं ,!!
यह इल्जाम का सिलसिला गुमा नहीं है कहीं
70 साल हो गए
अंग्रेजों को इस आग को लगाए
लोग जल तो आज तक रहे हैं
इस आग में सबका वक्त बर्बाद कर रहे हैं
एक बात कही जाती है
इतने सालों में तो दो दुश्मनों में भी सुलह हो जाती है
क्या हम दो दुश्मनों से भी बड़े हैं ?
चाहे करें कोई भी शुरुआत !!!
जाती तो है दोनों तरफ की जान;
मात्र करने अपने अहंकार को संतुष्ट,
क्यों बनते हैं सब अव्वल दर्जे के दुष्ट??

कुछ आतंकवादियों के देश पर हमले से ,
शामिल किया हमने उसे पाकिस्तान के हमले में !
क्या उन्होंने सिर्फ हम पर हमला किया किया था ??
पाकिस्तान के बच्चों के भी जान लिया था
कुछ लोगों ने साथ दिया हो सकता है जिनका,,
इस मसले में शामिल कैसे है पूरा मुल्क उनका ??

अंग्रेजों की वजह से
भागे थे लोग इधर उधर से
क्या उनका बचपन सुहाना नहीं था??
क्या उनका हिंदू या मुसलमान होना गुनाह था ??
क्यों उनको अपनों से बिछड़ने की कड़वाहट पीनी पड़ी???
क्यों उनको अपने जन्म स्थान की सजा मिली ??
डर और बर्बादी तो आज तक देख रहे हैं लोग !!
उस आग का मंजर आज तक रहे हैं भोग
कोई तीसरी ताकत उस वक्त आई थी हमारे बीच
इतनी बड़ी और गहरी खाई बना गई हमारे बीच

आज भी हमले करते हैं तीसरे शायद
पर क्या यूं ही चलेगी यह दुश्मनी की रवायत??
क्या यूं ही हम एक दूसरे पर लगाते रहेंगे इल्जाम ??
क्या इस दर्द का कभी नहीं निकलेगा निजाम??
अमूल्या राज़
#kavyostav2

Hindi Poem by Amulya raj : 111702558
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