मुझे खयाल है कि तू मेरा है
मैं अकेली हूं और तू भीड़ मेरा है
मैं तलाश हूं तेरी ढूंढ के मुझको
तू अपनी मंज़िल का मुझे पता देना
जल रहा है हर तरफ आग मेरे
तुम बारिश को मेरे घर का पता देना
मत रोको की आज सोना है मुझको
तुम अपनी आंखो में मुझको जगह देना
वक़्त का वक़्त से आज जिरह हो गया
तुम वक़्त पर आकर सुलह करा देना