एक शाम और तुम्हारी याद
बहुत कुछ पीछे छोड़ आयी ये सोच कर कि तुम पीछे आओगे,,,,मुड मुड कर यकीन मानो आज भी देखती हूं
कल भी तुम पर भरोसा था आज भी एहसास साथ का है
मजबूर तुम थे या तुम्हारे हालात पर प्यार आंखो में आज भी वही दिखता है ,,, मायूस नहीं हूं और ना ही कोई शिकायत है हां एक खलल सी है ज़िन्दगी में ,
ना तुझे खोने का गम है ना कोई रोने की वजह पर भी
आंखो में नमी सी है ।