कन्हैया
कन्हैया तेरी नगरी में आए हैं।
तुमसे मिलने वृन्दावन आए हैं।
माखन मिश्री भोग लगाएं कन्हैया।
छप्पन भोग लगाएं कन्हैया।
कन्हैया तेरे दर्शन करने आए हैं।
तेरी पूजा करने आए हैं।
धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
मंगल गीत गाएं ।
करो आराधना स्वीकार ।
ढोल ढाक झांझर और बजाएं करताल।
नाच रहे हैं नर नारी दे दे ताल।
वंशरी की मधुर तान बिना फीके पड़ गए हैं।
ढोल मजीरा और मृदंग।
सुना दो मधुर रागिनी की तरंग।
कन्हैया तुम ही हो जीवनाधार।
आशीष दो अपार।
जग में मचा हुआ है त्रास और संताप।
आओ कन्हैया दो अब नूतन संसार।
करो आराधना सफल कन्हैया।
प्रेम की गंगा बहती रहे।
स्नेह मिलन हो जन जन में।
अविरल नव रस भरे
तन मन में।
नवनिर्माण कर संसार का उद्धार करो।
जीवन नैया पार करो।
भव से पार करो।
बेड़ा पार करो।
तेरे चरणों में कोटि-कोटि प्रणाम कृष्णा जी।
वंदना स्वीकार करो।