उसने मुझे पूँछा की.....
"मेरे गुजर जाने के बाद, तुम भी हमारे प्यार की याद में 'ताज' मुक्क्मल करोगे ना!?"
में ज़रा हैरान हो गया......
मेने उसे कहा:
"जेसे मैने तुम्हें पुरे आसमान की प्रीत लगाई है,
ये केवल एक टूटते सितारे सें, तेरा क्या होगा!?
वैसे ही, चाहे क्यू न 'ताज' सें भी अच्छी कब्र बनाऊं तेरी!!
तेरी मौजूदगी को मैनें, मेरी साँस की तरह पाला है....
जरा सोच कर तो देख!!!
तेरी नमौजूदगी में, मेरा क्या होगा!?"