सुनने वाला एक हो और सुनाने वाले अनेक ,सहने वाला एक हो और जुर्म करने वाले अनेक, तब परमात्मा उस एक में अपनी सारी शक्ति का संचार कर देता है उस एक व्यक्ति में परमात्मा इतनी उर्जा भर देता है और ईश्वर की इसी उर्जा की वजह से वह एक सहने वाला उन हजारों जुर्म उठाने वालों पर भारी पड़ता है और यह दुनिया का नियम है कि सत्य ही हमेशा अकेला खड़ा होता है और असत्य की तो पूरी सेना होती है लेकिन कभी भी सत्य को असत्य से नहीं डरना चाहिए क्योंकि अंत में जीत उसी की होती है चाहे जितना मन चाहे असत्य फड़फड़ाए या अपना जोर लगाए पर असत्य हमेशा अंत में हारता है और सत्य हमेशा अंत में जीत ही जाता है चाहे दुनिया भले ही असत्य का साथ दें पर अंत में सत्य के सामने सारी दुनिया को झुकना पड़ता है और देर से ही सही सभी को सत्य की कीमत होती है और इस दुनिया का नियम है कि सभी लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए असत्य का साथ देते हैं पर पीछे से उनका अंतरात्मा उनको टटोलता तो होगा क्यों हम ऐसे असत्य का साथ दे रहे हैं और क्यों सत्य से हम दूर भागते हैं लेकिन सत्य अंत में अकेला ही सब से लड़ कर असत्य को पराजित करके जीत हासिल करता है और सत्य कई बार गीरता है पर बार-बार वह संभल जाता है इसीलिए मनुष्य को सदैव सत्य का ही साथ देना चाहिए...
जय श्री कृष्ण 🙏