ब्रंह्मानंद जी की बानी
✍🏽(ताल: बनजारा)✍🏽
जगदीश जगतपति प्यारा
कर भव दुःख दूर हमारा
!! टेक!!
तुम सब जीवनके स्वामी
घट घट के अंतर्यामी जी,
सब व्यापक सबसे न्यारा,
!!१!! जगदीश,
भुमि जल अंबर भारी
सब रचना विश्र्व तुम्हारी जी,
अचरज यह खेल पसारा
!!२!! जगदीश,
ब्रंह्मा शिव ऋषि मुनि देवा नित करत तुमारी सेवा जी,
सबका तुम पालनहारा
!!३!! जगदीश,
करुणानिधि दीन दयाला
शरणागत जन प्रतिपाला जी,
ब्रंह्मानंद मैं दास तुम्हारा
!!४!! जगदीश जगतपति,
🙏 संतोके चरणों में वंदन🙏